Ind vs nz nagpur t20i ishan kishan नंबर तीन पर खेलेंगे suryakumar yadav shreyas iyer


चोटिल तिलक वर्मा की जगह इशान किशन बुधवार को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले T20I में भारत की अंतिम एकादश का हिस्सा होंगे। नागपुर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि T20 विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए भारत ने इस भूमिका के लिए दूसरे विकल्प श्रेयस अय्यर की जगह किशन को चुना है।

किशन विश्व कप के लिए भारतीय दल का हिस्सा हैं, जो 7 फ़रवरी से भारत में ही शुरू हो रहा है। उन्हें भारतीय विश्व कप दल में बैक-अप विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है। वहीं तिलक की गैरमौज़ूदगी में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पहले तीन T20I के लिए चुने गए अय्यर विश्व कप दल का हिस्सा नहीं हैं।

सूर्यकुमार ने संकेत दिया कि अगर भारत को ऊपरी मध्य क्रम की जगह निचले मध्य क्रम में किसी बल्लेबाज़ की भरपाई करनी होती, तो फ़ैसला अलग हो सकता था।

सूर्यकुमार ने कहा, “इशान नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करेंगे, क्योंकि वह हमारी विश्व कप टीम में हैं। हमने उन्हें चुना है, तो खेलने की बारी भी उनकी है। उन्होंने लंबे समय से भारत के लिए नहीं खेला है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है और चूंकि हमने उन्हें विश्व कप दल में चुना है, तो मुझे लगता है कि वह खेलने के हक़दार हैं। अगर सवाल नंबर चार या पांच का होता, तो हम शायद अलग सोचते। लेकिन दुर्भाग्य से तिलक उपलब्ध नहीं हैं और मुझे लगता है कि नंबर तीन पर इशान सबसे बेहतर विकल्प हैं।”

किशन ने नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ के बाद से भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है। 32 T20I में उनके नाम 25.67 की औसत और 124.37 के स्ट्राइक रेट के साथ 796 रन हैं। उन्होंने अधिकतर T20I में शीर्षक्रम में ही खेला है और उनकी 32 पारियों में से सिर्फ़ एक ही शीर्ष तीन के बाहर आई है।

हालांकि बुधवार को उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाज़ी करनी पड़ सकती है, क्योंकि सूर्यकुमार ने बल्लेबाज़ी क्रम में भारत की लंबे समय से चली आ रही लचीली सोच को दोहराया। 2024 के पिछले T20 विश्व कप के बाद से भारत ज़्यादातर समय दाएं-बाएं हाथ की जोड़ी के साथ खेला है। अगर दाएं हाथ का ओपनर पहले आउट होता है तो सूर्यकुमार नंबर तीन पर आते हैं। वहीं अगर बाएं हाथ का ओपनर आउट होता है तो तिलक नंबर तीन पर आते हैं। तिलक की तरह ही किशन बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं और वह वैसी ही भूमिका निभा सकते हैं।

सूर्यकुमार ने कहा, “मैंने भारत के लिए नंबर तीन और नंबर चार, दोनों पोज़िशन पर बल्लेबाज़ी की है। नंबर चार पर मेरे आंकड़े थोड़े बेहतर हैं। नंबर तीन पर भी वे अच्छे हैं। लेकिन हम इसमें लचीले हैं और मैच के दौरान हालात देखकर ही फैसला लेंगे। अगर हमें दाएं हाथ का बल्लेबाज़ भेजना होगा, तो मैं जाऊंगा, नहीं तो तिलक नंबर तीन पर बहुत अच्छा कर रहे हैं।”

बुधवार को अपने 100वें T20I से पहले सूर्यकुमार की खुद की फ़ॉर्म भी चिंता का विषय है। वह लगातार 22 T20I पारियों से अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं और इस अवधि में उनका औसत 12.84 का रहा है।

“अगर यह [व्यक्तिगत] खेल होता, अगर मैं टेबल टेनिस या लॉन टेनिस खेल रहा होता, तो मैं इसे लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित होता, लेकिन यह एक टीम खेल है।”

अपनी फ़ॉर्म पर सूर्यकुमार यादव

हाल के महीनों में अपनी फ़ॉर्म को लेकर पूछे जाने पर सूर्यकुमार अक्सर कहते रहे हैं कि वह आउट ऑफ फ़ॉर्म नहीं हैं, बल्कि आउट ऑफ रन हैं। मंगलवार को उन्होंने फिर यही भरोसा जताया।

उन्होंने कहा, “मैं सच में बहुत अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहा हूं। जहां तक रनों की बात है, वे ज़रूर आएंगे। मैं उन चीज़ों को बदलकर कुछ अलग नहीं करना चाहता, जिसने मुझे पिछले तीन-चार सालों में सफलता दिलाई है। मैं उसी तरह बल्लेबाज़ी करना चाहता हूं और अगर प्रदर्शन आता है तो मैं उसे स्वीकार करूंगा। अगर नहीं आता है, तो मैं फिर से मेहनत करूंगा, अभ्यास करूंगा और मज़बूती से वापसी करूंगा।”

अपनी ख़राब फ़ॉर्म के बावजूद मैदान पर उनके खुशमिज़ाज रवैये के बारे में पूछे जाने पर सूर्यकुमार ने कहा कि यह टीम के लिए खेलने और कप्तानी की ज़िम्मेदारी निभाने का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “अगर यह [व्यक्तिगत] खेल होता, अगर मैं टेबल टेनिस या लॉन टेनिस खेल रहा होता, तो मैं इसे (फ़ॉर्म को लेकर) लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित होता। लेकिन यह एक टीम खेल है। मेरी पहली ज़िम्मेदारी यह देखना है कि टीम कैसा कर रही है। अगर टीम अच्छा कर रही है, जीत रही है, तो मैं ख़ुश हूं। अगर मैं ख़ुद अच्छा कर रहा हूं तो ठीक है और अगर नहीं कर रहा हूं तो भी ठीक है। कभी होता है, कभी नहीं होता है।

“साथ ही मुझे बाक़ी 14 खिलाड़ियों का भी ध्यान रखना होता है, सपोर्ट स्टाफ़ भी होता है। मुझे सबका लीडर बनाया गया है। अगर मैं सबके लिए ज़िम्मेदार हूं, तो मुझे टीम के बारे में ज़्यादा सोचना होगा। टीम गेम में व्यक्तिगत माइलस्टोन के लिए कोई जगह नहीं होती। यह एक टीम गेम है और सबको आगे बढ़कर योगदान देना होता है, सबको अच्छा करना होता है और एक-दूसरे के लिए ख़ुश होना होता है। मुझे लगता है कि टीम के माहौल में यही सबसे ज़्यादा अहम बात है और मैं इसी पर ध्यान देना पसंद करता हूं।”



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